
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पूरा सोफी मोहल्ले में हुए मारपीट के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित मनीष पटवा ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है।



कि उसके साथ हुई मारपीट के बाद न केवल पुलिस ने लापरवाही बरती, बल्कि चिकित्सकीय परीक्षण में भी गंभीर अनियमितताएं की गईं। मामले को लेकर दीवानी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता प्रशांत कुमार राय ने भी निष्पक्ष जांच और पुनः मेडिकल परीक्षण की मांग उठाई है।
पीड़ित मनीष पटवा के अनुसार, 8 जून की शाम लगभग 6:45 बजे दुकान के बाहर मामूली कहासुनी के बाद मोहल्ले के कुछ युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया। घटना में उसके चेहरे सहित शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।
मनीष का आरोप है कि घायल होने के बावजूद उसे पूरी रात थाने में बैठाए रखा गया और समय से चिकित्सकीय परीक्षण नहीं कराया गया। बाद में कराए गए मेडिकल परीक्षण में “नो इंजरी” दर्ज कर दिया गया, जबकि उसके शरीर पर स्पष्ट रूप से चोटों के निशान मौजूद थे। पीड़ित का कहना है कि इसी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की पुलिस कार्रवाई भी प्रभावित हुई।
पीड़ित ने इसे गंभीर विधिक त्रुटि बताते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों और चिकित्सकीय अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उसने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की अपील की है।
वहीं, क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पूरा सोफी मोहल्ले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
