सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर फूटा गुस्सा, भारत रक्षा दल ने दी आंदोलन की चेतावानी





आजमगढ़।सरकारी सेवा में तैनात डॉक्टरों द्वारा निजी अस्पतालों और स्वयं की क्लीनिक में प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने के विरोध में गुरुवार को भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपर निदेशक चिकित्सा मंडल आजमगढ़ को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने और न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है।
जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में तैनात कुछ डॉक्टर खुलेआम निजी अस्पतालों तथा निजी क्लीनिकों में मरीज देख रहे हैं। इतना ही नहीं, सरकारी अस्पतालों से मरीजों को दलालों के माध्यम से निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है, जहां उनसे मनमाना पैसा वसूला जा रहा है और उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि कुछ माह पूर्व माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद चिकित्सा सचिव द्वारा जिला प्रशासन को निर्देश जारी कर सरकारी डॉक्टरों से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने संबंधी शपथ पत्र लेने को कहा गया था। बावजूद इसके, यह पूरी प्रक्रिया केवल कागजी साबित हो रही है और नियमों का खुलेआम उल्लंघन जारी है।
जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भारत रक्षा दल आंदोलन को और तेज करेगा तथा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि अपर निदेशक चिकित्सा ने मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में धर्मवीर शर्मा, राजन अस्थाना, जैनेंद्र चौहान, हिमांशु सिंह और चंद्रप्रकाश मौर्य सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
